रिश्तों में घुटन हो तो बेहतर ही है अलग हो जाना
हमारे देश में लड़की और शादी (marriage) को इस तरह से लिया जाता है जैसे लड़की का जन्म ही शादी करने के लिए हुआ हो. शादी के पवित्र बंधन में बंधकर ही उसका जीवन सार्थक होता है. और ऐसे में अगर वो तलाक (divorce) ले ले तो वो उसकी असफलता समझा जाता है. समाज तलाकशुदा होने के बाद महिला को शादीशुदा होने जितना सम्मान नहीं दे पाता. तलाक के बाद महिला माता-पिता पर बोझ समझी जाती है. डिवोर्सी का टैग उसके नाम से जुड़ जाता है. और तलाक के बाद दुख-परेशानियां खत्म हो जाएं ऐसा भी नहीं है. और इसीलिए महिलाएं अपनी शादी को हर तरह से निभाने की कोशिश करती हैं, वो शादी में खुश न हो तो भी. और यही वजह भी है कि भारत दुनिया का एकमात्र ऐसा देश है जहां तलाक दर सबसे कम है यानी भारत में 1000 शादियों में से केवल 13 मामलों में ही तलाक होता है. लेकिन महिलाओं के लिए जरूरी है कि वो घुट-घुटकर जीने के बजाए, सबकुछ ठीक हो जाएगा के दिलासे सुनने के बजाए अपने जीवन के लिए कठोर फैसला लें. तलाक का फैसला एक बहुत बड़ा फैसला होता है, लेकिन अगर महिलाओं की शादीशुदा जिंदगी में ये 5 चीजें हो रही हों तो उन्हें ये फैसला जल्दी लेने की जरूरत है. 1. अगर दहेज की मांग की जा रही हो तो 2. अगर शोषण/घरेलू हिंसा की जा रही हो तो 3. अगर बेइज्जत किया जा रहा हो तो 4. पति बेवफाई कर कर रहा हो तो 5. सकारात्मकता से ज्यादा नकारात्मकता हो तो