किसी स्त्री या पुरुष की शादी हो चुकी है, और वह किसी भी वजह से, बिना तलाक के अपने साथी के साथ न रह…
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किसी स्त्री या पुरुष की शादी हो चुकी है, और वह किसी भी वजह से, बिना तलाक के अपने साथी के साथ न रहकर किसी अन्य व्यक्ति के साथ रहती या रहता है, और उससे विवाह भी कर लेता है, तो ऐसी स्तिथि में वह स्त्री या पुरुष अपने साथी को तो धोखा दे ही रहा है, और इसके साथ ही साथ वह कानूनन अपराध भी कर रहा है। भारतीय दंड संहिता की धारा 494 में इस अपराध के लिए प्रावधान दिया गया है, इस धारा के अनुसार एक व्यक्ति के पति या पत्नी के जीवित रहते हुए दूसरा विवाह करना दंडनीय अपराध है, और भारतीय दंड संहिता की इस धारा में ऐसे अपराध के लिए सजा का प्रावधान भी दिया गया है। किन्तु कुछ धर्मों के अपने निजी कानून में ऐसा करना अपराध की श्रेणी में नहीं आता है, तो उस धर्म के लोगों पर यह धारा लागू नहीं होती है।