एकपक्षीय तलाक (Ex-parte Divorce) तब होता है जब तलाक की अर्जी देने वाले पक्ष (पति या पत्नी) को अदा…
एकपक्षीय तलाक (Ex-parte Divorce) तब होता है जब तलाक की अर्जी देने वाले पक्ष (पति या पत्नी) को अदालत द्वारा तलाक की डिक्री दे दी जाती है, क्योंकि दूसरा पक्ष बार-बार समन भेजने के बावजूद अदालत में पेश नहीं होता या कार्यवाही में हिस्सा नहीं लेता। यहाँ इसके मुख्य कानूनी पहलुओं की जानकारी दी गई है
1. प्रक्रिया (Process)
समन की तामील:
जब एक पक्ष तलाक याचिका दायर करता है, तो अदालत दूसरे पक्ष को नोटिस (समन) भेजती है।
अनुपस्थिति:
यदि दूसरा पक्ष जानबूझकर समन लेने से बचता है या नोटिस मिलने के बाद भी अदालत की तारीखों पर उपस्थित नहीं होता, तो अदालत उसे 'एकपक्षीय' घोषित कर सकती है।
साक्ष्य:
अदालत याचिकाकर्ता के बयानों और सबूतों के आधार पर मामले की सुनवाई करती है और यदि आधार सही पाए जाते हैं, तो एकपक्षीय डिक्री पारित कर दी जाती है।
#rohitkumarmachawal #highcourt #jaipur #divorce #familycourt #divorceexpert #alimony #alimonyrules #everyone #lawyer #accused #victim #law #kanun #legaladvice #divorce #divorcelawyer #adultery #jaipurdivorcelawyer #courtmaariagejaipur #divorcesolution #familycourts #divorcelawyer #police #aryasamajmandir #divorcesupport #Jaipur #Advocates https://divorcelawyersjaipur.com